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Operating System [ऑपरेटिंग सिस्टम]

     

    Operating System in Hindi 


    Operating systems



    ऑपरेटिंग सिस्टम



    ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System, OS) कुछ विशेष प्रोग्रामों का ऐसा व्यवस्थित समूह है, जो किसी कम्प्यूटर के सम्पूर्ण क्रियाकलापो को नियंत्रित करता है । वास्तव में यह उपयोगकर्ता (User) और कम्प्यूटर के हार्डवेयर के बीच इण्टरफेस (Interface) का कार्य करता है। ऑपरेटिंग सिस्टम ऐसे सॉफ्टवेयर प्रोग्रामों का समूह है, जो मानव, एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software) और कम्प्यूटर हार्डवेयर (Computer Hardware) के बीच संवाद स्थापित करता है। यह एक ऐसा प्रोग्राम है, जो कम्प्यूटर के विभिन्न अंगों (Parts) को निर्देश देता है कि किस प्रकार से प्रोसेसिंग का कार्य सफल होगा।


    ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रमुख कार्य -

    🔹मेमोरी प्रबंधन

    🔹प्रोसेस प्रबंधन

    🔹डिवाइस प्रबंधन

    🔹फाइल प्रबंधन

    🔹स्टोरेज प्रबंधन

    🔹सिक्यूरिटी

    🔹जॉब एकाउंटिंग

    🔹सिस्टम परफॉरमेंस को कंट्रोल करना

    🔹त्रुटि पता लगाने वाले एड्स

    🔹अन्य सॉफ्टवेयर और उपयोगकर्ताओं के बीच समन्वय…


    ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार - [ ऑपरेटिंग सिस्टम types in hindi ]


    1 ) बैच प्रोसेसिंग ऑपरेटिंग सिस्टम -


    इसमें एक प्रकार के सभी कार्यों को एक बैच के रूप में संगठित करके साथ में क्रियान्वित किया जाता है। ये ऑपरेटिंग सिस्टम संख्यात्मक विश्लेषण (Numerical analysis), बिल प्रिण्टिग, पेरोल आदि में उपयोग किए जाते है जैसे - यूनिक्स (UNIX) 


    2 ) सिंगल यूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम -


    इसमे एक बार में केवल एक उपयोगकर्ता को ही कार्य करने की अनुमति होती है। यह सबसे अधिक प्रयोग किया जाने वाला ऑपरेटिंग सिस्टम है; जैसे- MSDOS , Windows 9X 


    3 ) मल्टीयूजर ऑपरेटिंग सिस्टम -


    यह एक समय में एक से अधिक उपयोगकर्ता को कार्य करने की अनुमति देता है । यह ऑपरेटिंग सिस्टम सभी उपयोगकर्ता के मध्य सन्तुलन बनाकर रखता है। overline 48 प्रत्येक प्रोग्राम की संसाधन (Resources) सम्बन्धी जरूरत को पूरा करता है; जैसे—यूनिक्स, वीएमएस (VMS) आदि।


    4 ) मल्टीप्रोसेसिंग ऑपरेटिंग सिस्टम -


    इसमे में दो या दो से अधिक सेण्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट का प्रयोग किया जाता है; जैसे-लाइनक्स, यूनिक्स आदि।


    5 ) मल्टीटास्किंग आपरेटिंग सिस्टम -


    यह एक समय में एक से अधिक कार्यों को सम्पन्न करने की अनुमति देता है, इसमें उपयोगकर्ता आसानी से दो कार्यों के मध्य स्विच (Switch) कर सकता है । जैसे-लाइनक्स, यूनिक्स, Windows 95 आदि।


    6 ) टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम -


    यह एक साथ एक से अधिक उपयोगकर्ता या प्रोग्राम कम्प्यूटर के संसाधनों का प्रयोग करते हैं। इस कार्य में कम्प्यूटर अपने के संसाधनों के प्रयोग हेतु प्रत्येक उपयोगकर्ता या प्रोग्राम को समय का एक छोटा भाग निर्धारित करता है, जिसे टाइम स्लाइस या क्वाण्टम कहते हैं।

    इस ऑपरेटिंग सिस्टम में सभी प्रोग्राम टाइम स्लाइस के आधार पर मुख्य मैमोरी में बारी-बारी से लाए जाते हैं तथा टाइम स्लाइस पूर्ण होने overline 47 मैमोरी में भेज दिए जाते हैं। इस प्रक्रिया को स्वैपिंग (Swapping) कहते हैं; जैसे-Mac OS आदि।


    7 ) रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम -


    यह एक ऐसा ऑपरेटिंग सिस्टम होता है, जिसमें रियल टाइम एप्लीकेशन्स का क्रियान्वन किया जाता है; जैसे-एयरक्राफ्टों में प्रयोग होने वाला ऑटो पायलेट मैकेनिज्म (Auto pilot ism) , Robot , ATM


    यूजर इण्टरफेस -


    जो सिस्टम, यूजर्स को कम्प्यूटर से इण्टरेक्ट (Interact) करने की सुविधा प्रदान करता है, उसे यूजर इण्टरफेस (User Interface) कहते हैं। यूजर इण्टरफेस दो प्रकार के होते हैं, जो निम्न हैं -


    ग्राफिकल यूजर इण्टरफेस (GUI) -


    ऐसा इण्टरफेस, जो यूजर को स्क्रीन पर उपस्थित ऑब्जेक्ट्स पर प्वॉइण्ट या क्लिक करके कमाण्ड्स के रूप में स्वीकार करता है, ग्राफिकल यूजर इण्टरफेस कहलाता है। पहला ग्राफिकल यूजर इण्टरफेस जेरोक्स कॉर्पोरेशन (Xerox Corporation) द्वारा वर्ष 1970 में डिजाइन किया गया था। इसका प्रयोग हाथ में पकड़े जाने वाले उपकरण- MP3 प्लेयर, पोर्टेबल मीडिया प्लेयर, गेमिंग डिवाइसों आदि में होता है। 

     ~Use keyboard and mouse

    जैसे - Android , Ms Windows , Mac OS


    करैक्टर यूजर इंटरफेस (CUI / CLI) - 


    ऐसा इण्टरफेस, जो शब्दों तथा अक्षरों को कमाण्ड्स के रूप में स्वीकार करता है , करैक्टर यूजर इण्टरफेस  कहलाता है। कमांड लाइनों का प्रयोग करने के कारण इसे कमांड लाइन इंटरफेस भी कहते है ।

      ~ Use only keyboard

    जैसे - Ms Dos , Unix 



    बूटिंग -


    कम्प्यूटर को स्टार्ट या रीस्टार्ट करने की प्रक्रिया को बूटिंग (Booting) कहते हैं। 

    वास्तव में, बूटिंग वह प्रक्रिया है, जब ऑपरेटिंग सिस्टम हार्ड डिस्क से कम्प्यूटर की रैम में लोड (Load) होता है। बूटिंग दो प्रकार की होती हैं-वार्म बूटिंग और कोल्ड बूटिंग। 

    जब कम्प्यूटर को स्टार्ट किया जाता है, तो उसे कोल्ड (Cold) बूटिंग तथा जब पहले से ही स्टार्ट कम्प्यूटर को रीस्टार्ट करते हैं, तो उसे वार्म (Warm) बूटिंग कहा जाता है।


    कुछ महत्त्वपूर्ण ऑपरेटिंग सिस्टम - 


    यूनिक्स -[ unix ऑपरेटिंग सिस्टम ]


    यूनिक्स (UNIX) यह एक मल्टीटास्किंग व मल्टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिस वर्ष1969 में, केन थॉम्पसन तथा डेनिस रिची द्वारा AT & T Bell प्रयोगशाला में विकसित किया गया था। यूनिक्स का पूरा नाम यूनिप्लेक्सड इन्फॉर्मेशन कम्प्यूटिंग सिस्टम (Uniplexed Information Computing System) है । इस ऑपरेटिंग सिस्टम को सर्वर तथा वर्कस्टेशन दोनों में प्रयोग किया जा सकता है । इसमें डेटा प्रबंधन का काम कर्नेल (kernel) द्वारा होता है ।

    जैसे - IBM AIX , Solaris


    लाइनक्स - [ linux ऑपरेटिंग सिस्टम ]


    लाइनक्स (Linux) यह ऑपरेटिंग सिस्टम वर्ष 1991 में लीनस टोरवाल्ड्स (Linus Torvalds) द्वारा विकसित किया गया था। इसका प्रयोग मुख्यतः सर्वर (Server) के लिए होता है। यह ऑपरेटिंग सिस्टम यूनिक्स पर आधारित है। यह एक ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर (Open Source Software) है तथा सभी प्रकार के कम्प्यूटर पर चल सकता है । जैसे - Red hat, Android, Debian


    एमएस-विण्डोज -


    एमएस-विण्डोज (MS Windows) यह माइक्रोसॉफ्ट द्वारा

    विकसित ग्राफिकल यूज़र इण्टरफेस ऑपरेटिंग सिस्टम है। इसके विभिन्न संस्करण; जैसे-विण्डोज - 95/98 / XP / Vista /10 आदि उपलब्ध हैं। यह एक यूज़र फ्रैण्डली ऑपरेटिंग सिस्टम है तथा इसमें कार्य करना अत्यन्त सरल है।


    एमएस-डॉस -[ऑपरेटिंग सिस्टम ms dos in hindi ]


    इसका पूर्ण रूप माइक्रोसॉफ्ट डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम (Microsoft Disk Operating System, MS-DOS) है। प्रारम्भ में एमएस-डॉस ऑपरेटिंग सिस्टम 86-DOS कहलाता था। जुलाई, 1981 में माइक्रोसॉफ्ट कम्पनी ने 86-DOS मोड (Mode) के सारे राइट्स IBM से खरीद लिए और इसका नाम परिवर्तित करके एमएस-डॉस रख दिया तथा इसमें कुछ महत्त्वपूर्ण परिवर्तन किए गए और एक नया डिस्क डायरेक्टरी स्ट्रक्चर बनाया गया, जिसमें फाइल्स से सम्बन्धित सूचनाएँ अपडेट की गई थीं।


    डॉस की संरचना -


    इस ऑपरेटिंग सिस्टम तथा कम्प्यूटर के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए निम्नलिखित प्रोग्रामों की आवश्यकता होती है ।


    (i) बूट रिकॉर्ड (Boot Record) - यह ऑपरेटिंग सिस्टम को मेन मैमोरी में लोड करता vec vec 6 | यह एमएस-डॉस का मुख्य प्रोग्राम है।


    (ii) इनपुट/आउटपुट सिस्टम - यह प्रोग्रामों तथा हार्डवेयर के बीच इण्टरफेस प्रदान करता है।


    (iii) MSDOS.sys प्रोग्राम - यह प्रोग्राम रूटिन (Program routine) तथा डाटा टेबल का ऐसा समूह होता है, जो उच्चस्तरीय प्रोग्राम (जैसे-एप्लीकेशन प्रोग्राम) प्रदान करता है।


    (iv) Command.com प्रोग्राम - यह उपयोगकर्ता को निर्देशों (Commands) का समूह प्रदान करता है, जो उपयोगकर्ता को फाइल प्रबन्धन (Management) आदि की सुविधा प्रदान करता है।



    डॉस को कॉन्फिगर करना -


    Config.sys, Autoexec. bat तथा फाइल्स आपके कम्प्यूटर की कमाण्ड्स को सैट करने के लिए वातावरण प्रदान करती हैं।


    (i) Config.sys - यह आपके सिस्टम को कमाण्ड्स के अनुसार समायोजित (Adjust) करती है।


    (ii) Autoexec.bat - यह फाइल स्वयं कमाण्ड लाइन में एक्जीक्यूट हो जाती है, जब सिस्टम को ऑन (ON) किया जाता है।


    एमएस-डॉस कमाण्ड्स के प्रकार -


    इण्टर्नल कमाण्ड्स -


    ये ऐसी कमाण्ड्स होती हैं, जो एमएस-डॉस की मुख्य फाइल कमाण्ड प्रोसेसर command.com में पहले से ही स्टोर होती हैं। इन कमाण्ड्स के द्वारा हम मेन रूट की डायरेक्टरीज और फाइल्स को देख सकते हैं। डायरेक्टरी फाइल सिस्टम में क्रमानुसार पाई जाती है। एक डायरेक्टरी के अन्दर विभिन्न डायरेक्टरी होती हैं, जिन्हें सब डायरेक्टरी (Sub Directory) कहा जाता है। प्रत्येक डिस्क में रूट डायरेक्टरी होना आवश्यक होता है। कुछ इण्टर्नल कमाण्ड्स है-DATE , TIME, VER, VOL, DIR, COPY आदि।


    एक्सटर्नल कमाण्ड्स -


    ये ऐसी कमाण्ड्स होती हैं, जो कम्प्यूटर की मुख्य मैमोरी मे उपलब्ध नहीं रहतीं, बल्कि अलग प्रोग्राम फाइलों के रूप डिस्क पर स्टोर रहती हैं। कुछ एक्सटर्नल कमाण्ड्स है- CHKDSK , Tree, Attrib, Diskcopy आदि।


    मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम


    एंड्राइड - यह ऑपरेटिंग सिस्टम गूगल के द्वारा प्रस्तुत किया गया था यह लाइनेक्स पर आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम है ।


    ios - यह ऑपरेटिंग सिस्टम एप्पल के द्वारा प्रस्तुत किया गया था ।


    ब्लैकबेरी - यह ऑपरेटिंग सिस्टम ब्लैकबेरी कंपनी के द्वारा प्रस्तुत किया गया था ।

     

    सिम्बियन - यह ऑपरेटिंग सिस्टम सिंबियन लिमिटेड के द्वारा प्रस्तुत किया गया था ।


    विंडोज़ फोन - यह ऑपरेटिंग सिस्टम माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के द्वारा स्मार्ट फोन के लिये प्रस्तुत किया गया था ।



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